सपनों का मर जाना
वाकई बहुत खतरनाक होता है
वह भी ऐसे समय में
जब बडे़ मुश्किल से
तितली संभाल रही हैं
अपने रंगों का साम्राज्य
निर्माण हो रहा है मुश्किल
से गर्भ में शिशु
और जद्दोजहद करके
नदी बना रही हैं
अपना रास्ता
बहुत कठिनाइयों से
वृक्ष बचा रहे हैं अपनी उम्र
कुल्हाड़ियों के मालिकों से
वाकई समय बहुत खतरनाक हैं
जब केंचुए के पीठ पर
दांत उग रहे हैं
और ऐसे समय में
सपनों का मर जाना
समस्त सृष्टि का कालांतर में
धीरे-धीरे अपाहिज हो जाना है