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संदेश

औरतें

अच्छी औरतें छली गई और जिन औरतों ने विरोध किया बदला लिया वे औरतें गाली की तरह इस्तेमाल की गई इसलिए औरतों को थोड़ा कम अच्छा होना चाहिए ताकि  विरोध का थोड़ा रसायन घो लकर इस दुनिया को पिला सके समय-समय पर
हाल की पोस्ट

प्रेम

महीने के अंतिम तारीख को वो अपनी प्रेमिका से अपना खाली बंटवा  भरने की जिम्मेदारी देता है प्रेमिका उसे प्रेम समझते हैं महीने के अंतिम तारीख को वो कुछ इस तरह से घर में राशन का जुगाड़ कर पता है और पत्नी उसे प्रेम समझती है

शिव

हर पार्वती के हिस्से नहीं होते हैं शिव फिर भी वो अर्धनारीश्वरी के  रूप में  विचरती है इस धरा पर 

विकट समय पर तुम्हारा जाना

समय बहुत विकट था लेकिन उतना भी कठिन नहीं था कि तुम भाग गए सबसे पहले जो रिश्तों के कतार में सबसे आगे होने का दावा करता रहा | मैं  बुरे समय के कारण नहीं मारी गई बल्कि इसलिए मारी गई थी मेरे हृदय  के गर्भ में जहां तुम्हारे लिए अनुराग का जन्म हुआ था उस हृदय के गर्भस्थली में भारी रक्तपात हुआ था उस दिन और मेरी देह क्षीणतर होती गई थी | समय बहुत कठिन था पर उतना भी बुरा नहीं था कि मैं बच नहीं सकती थी मुझे तो मेरे  ह्रदय के गर्भ में जन्मे प्रेम ने मार डाला जो तुम्हारे लिए था  |

झूठ और सच का प्रपंच

झूठ और सच्च के बिच का प्रपंच पढ़ने लायक तो  साक्षर हूं मैं  तुमने खामखां मुझे  अनपढ़ों की श्रेणी में  रखने की भुल कर डाली 

पितृसत्ता

समंदर ने पानी उधार लिया है  नदियों से  नदियां जब सूख रही होती हैं  समंदर नहीं लौटता है नदियों के हिस्से का जल !  समंदर न्याय नहीं करता  नदियों के साथ जैसे पिता नहीं करते न्याय अपनी  बेटियों से !

उसे हर कोई नकार रहा था

इसलिए नहीं कि वह बेकार था  इसलिए कि वह  सबके राज जानता था  सबकी कलंक कथाओं का  वह एकमात्र गवाह था  किसी के भी मुखोटे से वह वक्त बेवक्त टकरा सकता था  इसीलिए वह नकारा गया  सभाओं से  मंचों से  उत्सवों से  पर रुको थोड़ा  वह व्यक्ति अपनी झोली में कुछ बुन रहा है शायद लोहे के धागे से बिखरे हुए सच को सजाने की  कवायद कर रहा है उसे देखो वह समय का सबसे ज़िंदा आदमी है।