तुम्हारे आने से
नदी किनारे बैठा
बूढा पिंपल फिर से
अपने पत्तों संग
शहनाई बजाएगा
तुम्हारे आने से
काली नदी में स्थित
मछलियां तुम्हारे स्वागत
के लिए नृत्य करते-करते
पानी के बाहर उछलेगी
तुम्हारे आने से
मेरी राह पर
पड़ने वाले मंदिर की
घंटियां बज उठेगी
तुम्हारे आने से देवी मां
के समक्ष दीये की
थाल पुन: सजेगी
तुम्हारे आने से विरहा
में जलती तुलसी के
माथे सिंदूर चढ़ जाएगा
जल अर्पण होगा
तुम्हारे आने से
तुलसी पुनः मुस्कुराएंगी
ह