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तुम्हारा आना

चाँद का आसमान में यूँ चले आना
हौलें से मेरे दिल में तेरा दस्तक देना

सूरज की किरणों का यूँ मुझ पर चमकना
खुलें से मेरे माथे की बिंदी को तेरा चूम लेना

कोयल का मेरी छत पर यूँ आकर कूकना
हौलें से तेरे क़दमों की चहलक़दमी का उभरना

धान की बालियों संग पवन का यूँ झूल जाना
हॉल से मेरे कानो में तेरा नाम यूँ आकर गुनगुनाना

संध्या में मंदिर के घंटी का यूँ बज जाना
हौलें से मेरे ह्रदय मे तेरा ईश्वर बन जाना ।।

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